यूथ कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन पर रोक मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं देने के फैसले को चुनौती देने वाली यूथ कांग्रेस की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को करने का आदेश दिया।

मंगलवार सुबह जब इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि अब इस याचिका पर सुनवाई का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। दिल्ली पुलिस की इस दलील का यूथ कांग्रेस के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने विरोध करते हुए कहा कि पुलिस की यह दलील केवल याचिका को टालने का बहाना है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अपने फैसले की प्रति हमें दे तो हम याचिका के प्रार्थना में संशोधन जरूर करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर शाम को सुनवाई करने का आदेश दिया।

शाम को सुनवाई के वक्त सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि वे अपने प्रार्थना के उस हिस्से पर न्यायालय का नोटिस चाहते हैं, जिसमें पुलिस के एकतरफा और मनमाने फैसले को चुनौती दी गई है। दिल्ली पुलिस बिना कोई वजह बताए प्रदर्शन करने के अधिकार पर रोक नहीं लगा सकती है। उनकी इस दलील के बाद न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

याचिका यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की है। चिब ने दिल्ली पुलिस के बीते एक अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। याचिका में कहा गया है कि यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर को लगभग 100-150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। यूथ कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस को दी अपनी अर्जी में कहा था कि वह सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी सभी कानूनी शर्तों का पालन करेगा।

याचिका में कहा गया है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद पुलिस ने एक अक्टूबर को ही अनुमति न देने की जानकारी दी, जो प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित पहली तारीख भी थी। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस का फैसला संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।