भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें देश के युवाओं को भ्रमित करने के लिए शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वाले युवाओं की हरकतों को तिरंगे की लड़ाई बताना राहुल गांधी की शर्मनाक राजनीति है।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सीजेपी के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका गुमराह युवा हैं और विदेशी पैसे के सहारे देश के युवाओं को भ्रमित करने में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दास और रांका ने अभिजीत दीपके के साथ चार दिन पहले ही मजिस्ट्रेट न्यायालय में एक साल तक कोई गैरकानूनी कृत्य नहीं करने का बांड भरा था।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका अपने एक अन्य साथी अजिंक्य शिंदे के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया।
मल्होत्रा ने कहा कि बांड की शर्तों के उल्लंघन के मामले में मजिस्ट्रेट ने दास और रांका को जेल भेज दिया, जबकि शिंदे को बांड भरने पर रिहा कर दिया।
मल्होत्रा ने इस पूरे मामले पर राहुल गांधी की राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कानून तोड़ने की घटनाओं को तिरंगे की लड़ाई का नाम देना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं की तरह राहुल गांधी भी देश और युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, सीजेपी और आम आदमी पार्टी के नेताओं का अलोकतांत्रिक एवं अराजक व्यवहार देश के न्यायप्रिय नागरिकों को शर्मसार कर रहा है।
