पश्चिमी सिंहभूम, 14 अक्टूबर । पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में बुधवार को स्थायी लोक अदालत (पीएलए) पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को जनोपयोगी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन बृजेश पांडे ने ग्रामीणों को इसके कार्यों, सुविधाओं और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया की जानकारी दी।
शिविर को संबोधित करते हुए बृजेश पांडे ने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों की जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित समस्याओं के त्वरित, सरल और सुलभ समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए परिवहन, डाक, बिजली, पानी, सफाई, अस्पताल, बीमा और बैंकिंग जैसी सेवाओं से जुड़े विवादों के निपटारे में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी उठाने की जरूरत नहीं है। स्थायी लोक अदालत में आपसी सुलह और समझौते के आधार पर विवादों को सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
चेयरमैन ने बताया कि स्थायी लोक अदालत का कार्यालय चाईबासा स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में है। आम नागरिक अपनी शिकायत सादे कागज पर आवेदन लिखकर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोग भी बिना आर्थिक बोझ के अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से इस सुविधा का लाभ उठाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के टोल फ्री नंबर 15100 और मध्यस्थता 3.0 अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य यमुना तियू और प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के पदाधिकारी, अधिकार मित्र अलकमा रूही सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
