झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विपक्षी दलों का नवरात्र में आंदोलन सनातन संस्कृति के खिलाफ साजिश है।
मरांडी मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा।
मरांडी ने आरोप लगाया कि ये नेता विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम कर रहे हैं और भारत की सनातन संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम फैलाना चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी कर सत्ता हासिल की है, तो गुजरात में दशकों पहले और पश्चिम बंगाल में लंबे समय से कांग्रेस के कमजोर होने के लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन कुछ शक्तियां भारत की उन्नति से खुश नहीं हैं।
कांग्रेस कार्यालय पर सोमवार को भाजपा के प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर भी मरांडी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से पथराव किया जाना शर्मनाक है। उनके अनुसार, यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। उन्होंने जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
मरांडी ने कहा कि देश में अशांति फैलाने और आंदोलन के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि जनता ऐसी गतिविधियों का जवाब देगी और संबंधित लोगों को सबक सिखाएगी।
संवाददाता सम्मेलन में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा और जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा उपस्थित थे।
