थाने में महिला से दुष्कर्म पर चंपाई सोरेन ने उठाये सवाल

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में घरेलू विवाद की शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने रविवार को अपने एक्स पोस्ट में घटना को झारखंड के जंगलराज की सबसे घिनौनी तस्वीर बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

चंपाई सोरेन ने कहा कि एक महिला न्याय और सुरक्षा की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंचती है, लेकिन जब थाने के भीतर ही उसके साथ दुष्कर्म हो तो वह फरियाद लेकर आखिर कहां जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को आधी रात में नियमों की अनदेखी कर बिना महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के थाने लाया गया। केवल थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। दोषी पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने के साथ वरीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 9 अक्तूबर की रात महिला अपने पति के साथ बाजार से लौट रही थी। रास्ते में विवाद और मारपीट के बाद उसने पुलिस से सहायता मांगी। गम्हरिया पुलिस की पीसीआर टीम उसे रात करीब 12 बजे थाने लेकर पहुंची। महिला की शिकायत के अनुसार, थाने के एक कमरे में आराम करने के दौरान वायरलेस ऑपरेटर सिपाही नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने के बावजूद चार पुलिसकर्मियों द्वारा मदद नहीं करने का भी आरोप है। आत्मरक्षा में महिला ने चाकू से आरोपी की अंगुली काट दी।

शुक्रवार को शिकायत दर्ज होने के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी ने थाना प्रभारी संजय प्रसाद सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा गिरफ्तार है। एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल वाले कमरे को सील कर दिया गया है।