पंजाब राज्य महिला कमीशन की चेयरपर्सन, राज लाली गिल, ने आज नाभा की नई जेल का दौरा किया, जहां उन्होंने 32 लड़कियों के साथ मुलाकात की, जो पहले इमिग्रेशन और कॉल सेंटर में काम कर चुकी थीं। इस दौरे के दौरान, उन्होंने महिला कैदियों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया। जेल प्रशासन से बातचीत के दौरान, उन्होंने महिला कैदियों और उनके साथ रहने वाले बच्चों की संख्या, उनकी समस्याएं और जेल के प्रावधानों के अनुसार मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी हासिल की। चेयरपर्सन ने आदेश दिया कि जेल में सभी महिला कैदियों को उनकी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, ताकि उन्हें कोई कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
राज लाली गिल ने यह भी बताया कि ये 32 लड़कियां पहले रोपड़ जेल में कैद थीं, लेकिन उनके पिछले दौरे में वहां की समस्याओं को देखते हुए इन्हें नाभा जेल में स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने कहा कि ये लड़कियां नौकरी के प्रलोभन में फंस गईं। दरअसल, पुलिस की रेड के दौरान ही यह सब पकड़ में आईं थीं। ये लड़कियां मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, उत्तराखंड, असम सहित विभिन्न राज्यों से हैं और सभी कॉल सेंटर या इमिग्रेशन सेंटर में कार्यरत थीं।
हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई में इनकी कंपनियों का कामकाज धोखाधड़ी का पता चला और यही कारण बना कि ये पकड़ी गईं। गौरतलब है कि इन लड़कियों ने अपने रोजगार के लिए न तो कोई नियुक्ति पत्र लिया था और न ही किसी प्रकार का जॉब कार्ड। चेयरपर्सन ने जानकारी दी कि पुलिस ने लगभग 150 लड़कों और लड़कियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 32 लड़कियां शामिल हैं। इसी में से 13 लड़कियों को जमानत मिल चुकी है और 6 को रिहा किया जा चुका है।
इस दौरान, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लड़कियों के परिजन जमानत के लिए उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए, उनकी रिहाई के लिए अन्य विकल्प ढूंडने की बात की गई। राज लाली गिल ने यह भी सलाह दी कि जो भी युवक-युवतियां कॉल सेंटर या इमिग्रेशन केंद्र में काम करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने रोजगार का विवरण जानने में सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। इस दौरान जेल के सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी सुप्रीटेंडेंट, डीएसपी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कैदियों की समस्याओं को समझना और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करना था। राज लाली गिल की यह पहल एक सकारात्मक कदम है, जिसमें वह महिला कैदियों की स्थिति को लेकर संवेदनशीलता दिखा रही हैं। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी महिला कैदियों को उनकी कानूनी अधिकारों का पूरा समर्थन मिले तथा उन्हें जरूरी सहायताएं प्रदान की जाएं।