आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उपायुक्त ने दिया निर्देश

खूंटी, 30 मई । उपायुक्त मो जावेद हुसैन की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना, पोषण संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की स्थिति का जायजा लेते हुए निर्माणाधीन भवनों और सरकारी भवनों में संचालित नहीं हो रहे केंद्रों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिया।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त सेविका पदों की चयन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित चयन प्रक्रियाओं को जल्द पूर्ण कर केंद्रों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पोषण ट्रैकर के विभिन्न संकेतकों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों का शत-प्रतिशत फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लागू करने पर जोर दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर ई-केवाईसी कराने एवं लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने पोषण ट्रैकर में सभी सूचनाओं को नियमित रूप से अद्यतन रखने को भी कहा।

बैठक में टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण, वीएचएसएनडी और सीबीई की स्थिति, 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अपार आईडी निर्माण और एबीएचए सत्यापित लाभुकों की संख्या की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एबीएचए वेरिफाइड लाभुकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिया।

एमटीसी केंद्र में कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने पर बल दिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेंटर एवं वृद्धाश्रम के संचालन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी योजनाओं एवं संस्थानों के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका और संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।