अकाली दल की पंचायत चुनाव में हस्तक्षेप: नामांकन अवधि बढ़ाने की अपील! 95 हजार लंबित

पंजाब में पंचायत चुनाव को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने राज्य चुनाव आयोग से नामांकन प्रक्रिया का समय बढ़ाने की मांग की है। दल का कहना है कि अभी तक केवल दो दिन ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के हैं और इस दौरान आवेदन की संख्या बहुत कम रही है। खासकर, सरपंच और पंचायत सदस्य के लिए 95 हजार पदों में से अभी भी आवेदन भरने की प्रक्रिया अधूरी है। इसलिए, पार्टी ने यह सुझाव दिया है कि नामांकन की प्रक्रिया को चार से पांच दिन और बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी पेश कर सकें और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया बेहतर तरीके से संपन्न हो।

पार्टी के नेता चरणजीत सिंह बराड़ ने स्पष्ट किया कि अभी तक सरपंच पद के लिए केवल 784 और पंचायत सदस्यों के लिए लगभग 1446 नामांकनों की प्राप्ति हुई है। जबकि लगभग 83 हजार सदस्य पंचायतों के पद और 13 हजार सरपंच पद की आवश्यकता है। ऐसे में केवल दो दिनों में इतनी सीमित संख्या में नामांकन होना यह दर्शाता है कि बहुत से लोग अपनी उम्मीदवारी नहीं भर पाते हैं। उन्हें विश्वास है कि समय बढ़ाने से यह स्थिति सुधर सकती है।

बराड़ ने इसके साथ ही वोटर सूचियों की कमी की समस्याओं को भी उठाया। उनका मत है कि एक कार्य दिवस में सिर्फ एक घंटे के छोटे समय को देखते हुए एक व्यक्ति द्वारा 5-6 फार्म भरना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केवल 150 ब्लॉकों में एक ही दिन में काम करना है, तो यह संख्या पर्याप्त नहीं है और सभी आवेदनों को स्वीकार करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।

शिरोमणि अकाली दल ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समावेशिता की अपील की है, ताकि सभी इच्छुक उम्मीदवार अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। अगर समय को बढ़ाकर सभी को एक समान अवसर दिया जाता है, तो यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए फायदेमंद होगा। पार्टी का यह भी मानना है कि पंचायत चुनावों को सफल और समर्पित बनाने के लिए एक उचित समयावधि का निर्धारण आवश्यक है।

इस बीच, राज्य चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इस अपील का निस्तारण करने के लिए उचित निर्णय लेना चाहिए। अंत में, यह चुनाव प्रक्रिया केवल कुछ दिनों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इसलिए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।