फाजिल्का में पंचायत चुनाव के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करने में धोषभाषाओं का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आज डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर का पुतला फूंका। भाजपा का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से उनके विरोध के कारण फाजिल्का-फिरोजपुर हाइवे बंद है, लेकिन प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
भाजपा के जिला महामंत्री अश्वनी फुटेला ने आरोप लगाया कि भाजपा मंडल के प्रधान जगतार सिंह और उनकी पत्नी ने जलालाबाद में सरपंच उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी फाइल को फाड़ दिया गया और उन्हें बलात बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद से जलालाबाद के लाल बत्ती चौक पर तीन दिनों से हाइवे जाम है। भाजपा और अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेता और किसान इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
भाजपा नेताओं ने अपनी मांगे स्पष्ट की हैं। सुबोध वर्मा ने कहा कि यदि गांव के लोगों की फाइलें फाड़ दी गईं या धक्केशाही करते हुए रद्द की गईं हैं, तो उन गांवों में पंचायत चुनाव रद्द किए जाएं। उनका सुझाव है कि या तो चुनाव को रद्द किया जाए या फिर नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। अन्यथा, भाजपा इस मुद्दे को अदालत में ले जाने की योजना बना रही है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों को भी पार्टी बनाया जाएगा।
जलालाबाद के एसडीएम कंवर सिंह मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यदि किसी की फाइल को रद्द किया गया है, तो इसके लिए चुनाव आयोग ने विभिन्न गांवों के संबंधित आरओ को नोटिफाई किया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल सिविल और पुलिस प्रशासन के साथ प्रदर्शनकारियों की वार्ता चल रही है तथा धरना प्रदर्शन को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने फाजिल्का में चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है और सभी राजनीतिक दल अब इस स्थिति को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वे इस मुद्दे को लेकर कितने गंभीर हैं और अब समय आ गया है कि प्रशासन इस पर ध्यान दे। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन भाजपा की मांगों पर कोई प्रतिक्रिया करेगा या स्थिति जस की तस बनी रहेगी।