विधानसभा के प्रमुख सचिव को हटाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार
जयपुर, 8 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा के प्रमुख सचिव को पद से हटाने के गत 20 सितंबर के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में दायर स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए पक्षकारों से छह सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है। सीजे एमएम श्रीवास्तव व जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश महावीर प्रसाद शर्मा की याचिका में दायर स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए दिए।
याचिका में कहा कि विधानसभा ने नियमों में संशोधन कर उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना ही पद से हटाया है। यह कार्रवाई मनमानीपूर्ण है, इसलिए विधानसभा के उन्हें सचिव पद से हटाए जाने वाले आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगाई जाए। इसके जवाब में विधानसभा स्पीकर की ओर से सीनियर एडवोकेट आरएन माथुर व प्रतीक माथुर ने कहा कि याचिकाकर्ता की उम्र 65 साल से ज्यादा हो गई है और उन्हें नियमों की पालना करते हुए हटाया है। इसलिए उन्हें हटाने में किसी तरह की कोई गलती नहीं है। ऐसे में पद से हटाने वाले आदेश पर रोक नहीं लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए पक्षकारों को जवाब पेश करने को कहा है।
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