पंजाब के बठिंडा में शनिवार को आउटसोर्स कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट के बाहर अपने अधिकारों के लिए एक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। यह आयोजन पावरकॉम और ट्रांसको आउटसोर्स कर्मचारी समन्वय समिति (पंजाब) के तत्वावधान में हुआ। दशहरे के पावन पर्व के अवसर पर भाई घनैया चौक पर आयोजित इस रैली में न केवल खुले तौर पर प्रदर्शन किया गया, बल्कि रावण के पुतले का दहन भी किया गया। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य था विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थायीकरण की मांग को उजागर करना, जिसे वे लंबे समय से कड़े संघर्ष के माध्यम से उठाते आ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पावरकॉम के आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मेहनत के अनुरूप वेतन तय करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उनकी लंबे समय की सेवाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी करने के साथ-साथ अन्य मांगों के प्रति सरकार का रुख नकारात्मक है। थर्मल प्लांट, पनबिजली परियोजनाओं, ग्रिड और सरकारी कार्यालयों में नियुक्तियों की कमी के कारण हजारों ठेका कर्मचारी परेशान हैं। वे लगातार रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रही है।
प्रदर्शनकर्ता अपनी बातों को रखते हुए यह भी बोले कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार उनकी अधिकारों की अनदेखी कर रही है और उन्हें स्थायी नहीं करके गद्दारी कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य ध्येय था सरकार को जगाना और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आगाह करना। उन्होंने साफ-साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तेजी से उनकी मांगों का समाधान नहीं किया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करने का मानस बना रहे हैं।
इस रैली ने न केवल कर्मचारियों के गुस्से को दर्शाया, बल्कि यह भी बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। प्रदर्शनों का यह सिलसिला स्पष्ट करता है कि आउटसोर्स कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे, और यदि आवश्यक हुआ तो वे और भी कड़े कदम उठाने के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार उनके साथ किस प्रकार से संवाद स्थापित करती है और क्या उनकी मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।