समाज में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से वॉक फॉर डिस्लेक्सिया
रांची, 22 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और चेंजइंक फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से मंगलवार काे जेसीईआरटी रातू कैंपस, रांची में राज्य स्तरीय वॉक फॉर डिस्लेक्सिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों, जेईपीसी और जेसीईआरटी के अधिकारियों, रांची के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के संकायों और यूनिसेफ, रूम टू रीड, पीरामल फाउंडेशन, ड्रीम ए ड्रीम, सीआईएनआई टाटा ट्रस्ट, इंडिया पार्टनरशिप फॉर अर्ली लर्निंग, दानी स्पोर्ट्स फाउंडेशन, उगम फाउंडेशन और अन्य जैसे नागरिक समाज संगठनों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों की क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए, लोगों ने लाल कपड़े पहने, छात्रों द्वारा बनाए गए बैनर पकड़े और डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों की क्षमताओं का समर्थन करने व समाज में सीखने की अक्षमता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए लगभग 2 किलोमीटर तक शांति से पैदल चले।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप निदेशक प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि इस दिव्यांगता को औपचारिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के अधिकार अधिनियम (आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम) 2016 द्वारा मान्यता दी गई है। हालांकि, इन छात्रों को मुख्यधारा के स्कूल में एकीकृत करने और पीछे नहीं छोड़ने के लिए अभी भी महत्वपूर्ण प्रयासों की आवश्यकता है। डिस्लेक्सिया जागरुकता माह अभियान के तहत 4 अक्टूबर को जेसीईआरटी द्वारा एक राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी 22 डीआईईटी से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। वेबिनार के बाद राज्य भर में 520 पदयात्राएं आयोजित की गई हैं।
राज्य स्तरीय वेबिनार का नेतृत्व संगीता कुमारी, नोडल-राज्य संसाधन समूह, समावेशी शिक्षा, जेसीआरईटी, के साथ चेंजइंक फाउंडेशन की राज्य टीम ने किया था।
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