लुधियाना में धुंध का कहर: AQI 400 पार, विजिबिलिटी सिर्फ 5-50 मीटर!

पंजाब के लुधियाना में इन दिनों जहरीले कोहरे के कहर से लोग त्रस्त हैं। यह कोहरा स्थानीय निवासियों के लिए पहले से ही समस्याएं उत्पन्न कर रहा है, जिससे विशेषतौर पर वाहन चालकों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले रात, ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता केवल 5 मीटर तक रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी यह 50 मीटर से अधिक नहीं हो सकी। घने कोहरे के कारण परिवहन की गति धीमी हो गई है, जिससे यात्रियों को लंबा समय लग रहा है। दिन के समय भी चालक को हेडलाइट जलाकर ही गाड़ी चलानी पड़ रही है, जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो गया है।

इस दौरान लुधियाना का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) भी बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। बीती रात AQI ने 400 का आंकड़ा पार कर लिया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। हंबड़ा रोड पर स्थित परिस्थिति तो और भी चिंताजनक है, जहां सड़क पर ट्रैफिक सफेद लाइनों का अभाव है और न ही कोई रीफ्लैक्टर मौजूद हैं। इस स्थिति के कारण यहां दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है। रात के समय 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है, जबकि चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति दुर्घटनाओं के लिए और भी जोखिम पैदा कर रही है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीके किंगरा ने बताया कि अगले दो दिनों में बारिश होने की संभावना नहीं है, जिसके चलते स्मॉग की स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा। इस जहरीले स्मॉग के चलते सांस लेने में कठिनाई हो रही है, जिससे खासकर सांस के रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लगातार स्मॉग के प्रभाव से आंखों और गले में संक्रमण बढ़ने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अस्पतालों में 50 वर्ष से ऊपर के मरीजों की संख्या अधिक है, जिनका उपचार किया जा रहा है।

लोगों को अपने घरों में भी जहरीले कोहरे का प्रभाव महसूस हो रहा है। दरवाजे बंद करने के बावजूद लोग घरों में भी घुटन का अनुभव कर रहे हैं। पिछले रात लुधियाना में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा है। पराली जलने के चलते जलवायु में तथा स्थिति में अत्यधिक गिरावट आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक बारिश नहीं होती या आंधी-तूफान नहीं आता, तब तक स्मॉग की समस्या इसी तरह बनी रहेगी। स्मॉग की समस्या दीपावली के बाद से अधिक बढ़ी है। डॉक्टर्स ने लोगों को सलाह दी है कि वे इस प्रदूषण से बचने के लिए उचित सावधानी बरतें और बाहर निकलने से पहले मास्क का उपयोग करें।