जगराओं से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां दो भाइयों ने अपनी बहन के घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इन आरोपियों ने घर के ताले खोलकर बहन के गहने चुरा लिए और फिर उन्हें सिधवां बेट के एक ज्वेलर्स को बेच दिया। जब इस मामले की जानकारी पीड़िता संदीप कौर को हुई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने गंभीरता से मामले की जांच शुरू की और चोरी के सोने को खरीदने वाले ज्वेलर्स समेत तीन आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ थाना दाखा में मामला दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान की है, जिनमें मनदीप सिंह उर्फ मनी (कोट-मान निवासी), जसवंत सिंह उर्फ बंबा (मंडियानी निवासी) और काला गर्ग, जो कि सिधवां बेट के ज्वेलर्स के मालिक हैं, शामिल हैं। पुलिस ने मनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जसवंत और गर्ग ज्वेलर्स का मालिक अभी फरार है। थाना दाखा के एएसआई तरसेम सिंह ने कहा कि इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित महिला संदीप कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने पति की मृत्यु के बाद से अपने दो बच्चों के साथ मंडियानी गांव में निवास कर रही हैं। पति के निधन के बाद वह बुटीक का काम कर अपने बच्चों का लालन-पालन कर रही हैं। संदीप ने बताया कि उसके दोनों भाई अक्सर उसके घर आते-जाते थे, जिससे उन्हें उसके घर की पूरी जानकारी थी।
गौरतलब है कि जब संदीप कौर ने अपने बच्चों को स्कूल भेजा, तो उन्होंने अपने घर का ताला बंद कर दिया और बुटीक में काम करने चली गईं। इसी बीच, उनके भाइयों ने घर में ताला तोड़कर 11 ग्राम का हार, एक तोला के सोने के कान की बालियां, 8 ग्राम का लॉकेट, दो रिंग 10 ग्राम और दो कान की बालियां 10 ग्राम चुराईं। इस घटना का पता उन्हें 16 नवंबर को चला, जिसके बाद उन्होंने अपने भाइयों से बातचीत की।
मनदीप सिंह ने इस चोरी की घटना को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने भाई की मदद से यह चोरी की थी। उन्होंने उस सोने को सिधवां बेट के गर्ग ज्वेलर्स को बेच दिया था। जब संदीप ने ज्वेलर्स से इस बारे में बात की, तो ज्वेलर्स के मालिक ने टालमटोल करते हुए बात को घुमाने का प्रयास किया। संदीप का यह भी कहना है कि उसे इस बात का पूरा विश्वास है कि उसके भाइयों ने ही उसके गहने चुराकर ज्वेलर्स को बेचे हैं। इस सब के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह घटना न केवल पीड़ित महिला के लिए दुखद है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते पर भी सवाल उठाती है। पुलिस का कर्तव्य है कि वे जल्दी से जल्दी आरोपियों को पकड़े और न्याय सुनिश्चित करें।