पंजाब के मोहाली जिले में रहने वाले एक युवक की आर्मेनिया में दिल का दौरा पड़ने से tragically निधन हो गया है। मृतक युवक की पहचान वरिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो कुराली माजरी के गांव शाहपुर (घटौर) के निवासी थे। वरिंदर सिंह के परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्दी से भारत लाने में सहायता की जाए। जानकारी के अनुसार, वरिंदर ने 2018 में रोजगार की खोज में आर्मेनिया का रुख किया था और वहां एक फार्म हाउस में काम कर रहे थे।
19 नवंबर को जब वरिंदर अपने कार्यस्थल की ओर जा रहा था, तभी अचानक वह दिल का दौरा पड़ने से सड़क पर गिर गया। रोहित सिंह, वरिंदर के बड़े भाई ने बताया कि वह करीब 5 घंटे तक वहीं पड़े रहे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से पूरे परिवार में शोक का माहौल है और रोहित ने पंजाब सरकार और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि वे उनके भाई के शव को शीघ्र गांव वापस लाने में मदद करें।
रोहित ने यह भी बताया कि वरिंदर को विदेश भेजने का काम अमृतसर के एक ट्रैवल एजेंट ने किया था। उनसे इसके लिए लगभग 18 लाख रुपये की राशि ली गई थी। उन्हें जापान भेजा जाना था, लेकिन किसी कारणवश उन्हें आर्मेनिया भेज दिया गया था। ट्रैवल एजेंट ने बताया था कि वरिंदर को फिर से आगे जापान भेजा जाएगा, लेकिन यह संयोग नहीं रहा और उसकी इसी दौरान मृत्यु हो गई। वरिंदर की इस अघातक स्थिति के कारण परिवार में निराशा है, क्योंकि वे उसके जापान जाने का सपना देखने के बाद भी अधूरा रह गया।
यह भी बताया गया है कि वरिंदर लंबे समय से जापान न जा पाने के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहा था। परिवार ने उनकी स्थिति के सुधार के लिए लगातार प्रयास किए थे, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि यह प्रयास उनके लिए इतनी भयानक स्थिति में बदल जाएगा। अब उन लोगों की एकमात्र इच्छा है कि उनके प्रिय जन का शव जल्दी से घर लौट आए, ताकि वे अपनी परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर सकें।
सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की जा रही है कि वे इस मामले में तत्परता से कार्य करें और वरिंदर के शव को भारत लाने की प्रक्रिया को तेज करें। साथ ही, परिवार ने विदेश में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पंजाब के उन युवाओं को भी सावधान किया है जो विदेश में रोजगार के अवसरों की तलाश में जाने की सोच रहे हैं।