राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) और उसके संबंधित मेडिकल कॉलेज में इन दिनों कुछ गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। हाल ही में अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे 2019 बैच के MBBS छात्रों को प्रोविजनल डिग्रियां नहीं मिलने का विवाद उठ खड़ा हुआ है। जब मेडिकल ऑफिसर्स (MO) भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों ने कॉलेज प्रशासन से अपनी डिग्रियों की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि उनकी प्रोविजनल डिग्रियां विश्वविद्यालय से अब तक नहीं आई हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनोद जोशी ने स्पष्ट किया कि उन्हें इन डिग्रियों का कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन प्रोविजनल डिग्रियों को पहले ही कॉलेज भेज दिया गया है, जिससे असमंजस की स्थिति बन गई है।
इस स्थिति में दोनों कैंपस में डिग्रियों की तलाश का कार्य शुरू हो गया है। लेकिन इस बीच, छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उनकी इंटर्नशिप 28 फरवरी को समाप्त हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें 18 फरवरी तक आवेदन करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चिकित्सा अधिकारियों (MO) की भर्ती हेतु आवेदन की विंडो 14 से 18 फरवरी के बीच खोली है। इस संबंध में, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 2019 के वे छात्र जो MBBS कर चुके हैं और जिनकी इंटर्नशिप इस वर्ष फरवरी-मार्च तक पूरी हो जाएगी, वे इस भर्ती के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को जोड़ते हुए, यह मामला छात्रों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बिना प्रोविजनल डिग्रियों के, इन्हें अपनी दीक्षारंभ संबंधी प्रक्रिया में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। 4 अप्रैल को मेडिकल ऑफिसर्स के 1480 पदों के लिए परीक्षा होनी है, जो पहले 17 नवंबर को आयोजित होने वाली थी, लेकिन उस समय यह परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। यह परीक्षा छात्रों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनकी नौकरी की संभावनाओं से सीधा जुड़ी हुई है।
इस प्रकार, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेस के कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच यह विवाद छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है। छात्र इस मामले में त्वरित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक डिग्रियां समय पर मिल सकें। इसे देखते हुए, सभी संबंधित पक्षों को एकजुट होकर इस विवाद का समाधान निकालना चाहिए और छात्रों को उनकी आवश्यक डिग्रियां सौंपने का कार्य जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। इस प्रकार, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रणाली में सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है ताकि भविष्य में फिर से ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।