भारतीय सेना ने सोमवार को प्रेस को जानकारी दी कि पाकिस्तान के खिलाफ उनके स्वदेशी हथियारों की क्षमता बेहद प्रभावी रही है। आकाशतीर डिफेंस सिस्टम और L-70 एयर डिफेंस गन ने हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने ये हमले 9-10 मई के बीच किए थे। L-70 गन को ऑपरेट करने वाले एक सैनिक ने बताया कि इस गन की प्रभावशीलता अत्यधिक है। यह किसी भी लक्ष्य पर निशाना साध सकती है और दुश्मन के ड्रोन को मार गिराने में इसका सफलता दर सौ प्रतिशत है। अगर भविष्य में दुश्मन ने भारत की ओर और ड्रोन, मिसाइल या विमान भेजे, तो भारतीय सेना पूरी तैयारी के साथ उनका जवाब देने के लिए तैयार है।
इस बीच, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी राजस्थान के लौंगेवाला क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। इस दौरे के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सैनिकों की सराहना की और भारतीय वायुसेना तथा सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर की गई संयुक्त कार्रवाई का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि जैसलमेर से कच्छ तक फैले रेगिस्तानी इलाकों में सेना, वायुसेना और BSF ने मिलकर दुश्मन के ड्रोन हमलों को काबू किया था।
जनरल द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि भारतीय रक्षा बलों का समन्वय और कार्य पद्धति भविष्य में और भी सफल होगी। उनका यह दौरा पिछले पांच दिनों में फौज की विभिन्न पोस्टों पर होने वाला पांचवां दौरा है। इससे पहले, जनरल द्विवेदी ने 15 मई को बारामूला में डैगर डिवीजन की पोस्टों का दौरा किया था, जहां उन्होंने श्रीनगर, उरी और ऊंची बस्सी की चौकियों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात जवानों को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की बधाई भी दी।
भारतीय सेना की यह क्षमता और रणनीतिक तैयारी पाकिस्तान द्वारा किसी भी संभावित उकसावे को रोकने में बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भारतीय राजनेताओं और रक्षा विशेषज्ञों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा इस ओर ध्यान दिलाती है कि वर्तमान समय में तकनीकी रूप से उन्नत हथियार और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता देश की सुरक्षा को और मजबूत करती है।
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