सतना में ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत, तिघरा फाटक के पास पटरी पर मिला शव

सतना, 03 मई । मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा वन परिक्षेत्र में रविवार सुबह एक तेंदुए की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह घटना सतना-उचेहरा रेल खंड के तिघरा फाटक के पास सुबह करीब साढ़े नौ बजे सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने पटरी पर तेंदुए का शव देखा और वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रेंजर सचिन नामदेव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। रेल्वे पोल क्रमांक 1173 व 2325 के बीच उचेहरा रेंज अंतर्गत लौहरौरा गांव के पास से निकले रेलवे लाइन तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड और मुकुंदपुर टाइगर सफारी की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

प्राथमिक जांच में ट्रेन की टक्कर से मौत

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 2 से 2.5 वर्ष का तेंदुआ रेलवे ट्रैक पार करते समय किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव के पास खून के निशान और शरीर पर चोट के गहरे घाव पाए गए हैं। वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग द्वारा अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

लोगों की भीड़, वन विभाग की सतर्कता

घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। तेंदुए को नजदीक से देखने की जिज्ञासा के चलते भीड़ बढ़ती गई, जिसे वन अमले ने समझाइश देकर हटाया।

लगातार हो रहीं घटनाएं, बढ़ती चिंता

सतना वन मंडल में रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की मौत का यह तीसरा मामला है। इससे पहले 2016 में एक बाघ और 2025 में एक शावक की भी ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं, जिससे इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं।