रांची, 29 मार्च । झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री आवास निर्माण पर होने वाले खर्च को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत से बनने वाला मुख्यमंत्री आवास “शीश महल” की तरह है और यह जनता के पैसे की फिजूलखर्ची है।
रविवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि खुद को गरीबों की सरकार बताने वाली सरकार इतनी बड़ी राशि अपने आवास पर खर्च कर रही है, जो झारखंड की आदिवासी और मूलवासी जनता की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग है।
उन्होंने बताया कि भवन विभाग द्वारा जारी टेंडर की प्रारंभिक लागत 67 करोड़ रुपये है, जिसमें इंटीरियर और फर्नीचर का खर्च शामिल नहीं है। उनके अनुसार, निर्माण पूरा होने तक इसकी लागत 100 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है। टेंडर प्रक्रिया के अनुसार 2 अप्रैल को इसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, 29 अप्रैल तक आवेदन लिए जाएंगे और 30 अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा, जबकि 8 अप्रैल को प्री-बिड बैठक प्रस्तावित है।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास में अत्यधिक विलासिता पर खर्च किया जा रहा है, जिसमें दो करोड़ रुपये का फव्वारा, ढाई करोड़ का गार्डन, विदेशी शीशों से सजा ड्राइंग रूम, इटली से मंगाए जाने वाले टाइल्स, जकूजी, सॉना बाथ और मसाज रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल के दिल्ली स्थित आवास की लागत शुरुआत में 8.30 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये हो गई। साहू के अनुसार, झारखंड का प्रस्तावित आवास इससे भी कई गुना महंगा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में गरीबों को आवास, वृद्धा पेंशन और किसानों को धान का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री अपने लिए भव्य आवास बनवा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस परियोजना को नहीं रोका गया तो भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।
इस प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रवक्ता प्रतुल शाह देव, राफिया नाज भी उपस्थित थे।———–