राजस्थान हाईकोर्ट : वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले में हाईकोर्ट सख्त

जोधपुर, 29 मार्च । राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने रामजी व्यास की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व में जारी निर्देशों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित वन क्षेत्र करीब 50 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जहां समय के साथ कई कॉलोनियां और जरूरतमंद लोगों के मकान विकसित हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक योजना तैयार की है, जिसके तहत अतिक्रमित वन भूमि के बराबर नए क्षेत्र में वन विकसित किया जाएगा। महाधिवक्ता ने कहा कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया जा चुका है और उसी आधार पर वन विकास की योजना बनाई गई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जोधपुर के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शहर के आसपास हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि हाल ही में जिन वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई है, वहां किसी भी नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि बाउंड्री वॉल बनने के बाद किसी ने कब्जा किया है, तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाएगा। सरकार ने अतिक्रमण हटाने और प्रस्तावित वन विकास योजना की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए अदालत से समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पहले दिए गए सभी निर्देश प्रभावी रहेंगे।