नई दिल्ली, 01 अप्रैल । राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मध्यप्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में दोषी करार दिया है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने सजा की अवधि पर दाे अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने भारती के अलावा रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी करार दिया। कोर्ट ने भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 का दोषी पाया। इस मामले में राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम भी आरोपित थीं, लेकिन उनकी पहले ही मौत हो गई थी। मामला 24 अगस्त, 1998 का है, जब सावित्री श्याम ने जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक में तीन सालों के लिए 13.5 फीसदी ब्याज के दर पर 10 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट कराया। ये डिपॉजिट सावित्री श्याम ने श्री श्याम सुंदर श्याम जन सहयोग एवं सामाजिक विकास संस्थान के नामक ट्रस्ट के नाम से कराया गया। इस ट्रस्ट का गठन सावित्री श्याम के पति श्याम सुंदर श्याम ने किया था।
आरोप है कि सावित्री श्याम ने इस फिक्स्ड डिपॉजिट की रकम मैच्योर होने की बजाय 1999 से हर साल एक लाख 35 हजार रुपये ब्याज लेने लगीं। फिक्स्ड डिपॉजिट के शर्तों का उल्लंघन करते हुए ब्याज लेने का सिलसिला 13 वर्ष तक 2011 में खत्म हुआ। आरोप है कि राजेंद्र भारती ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के निदेशक पद पर रहते हुए ब्याज की रकम अपनी मां को देने बैंक के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया। इसके लिए बैंक की रसीदों, खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट के प्रमाण पत्र से छेड़छाड़ किया गया। दस्तावेज में छेड़छाड़ कर तीन वर्ष के फिक्स्ड डिपॉजिट की शर्तों को बढ़ाकर 10 साल और 15 साल किया गया। दस्तावेज में छेड़छाड़ इसलिए की गई, ताकि ज्यादा समय तक ऊंची ब्याज दर से भुगतान हो।
इस मामले में शिकायतकर्ता बैंक ने 29 जुलाई 2015 में मध्यप्रदेश में केस दर्ज कराया था। पहले से मामला राजेंद्र भारती और उनकी मां के खिलाफ ही दर्ज कराया गया था। बाद में प्रजापति को भी आरोपित बनाया गया। राजेंद्र भारती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और इसकी सुनवाई दिल्ली में ट्रांसफर करने की मांग की, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दी।