लखनऊ, 26 अप्रैल । उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अवैध खनन, उपखनिजों के अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद रायबरेली क्षेत्र में एक विशेष आकस्मिक प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया। यह अभियान रायबरेली से उन्नाव बॉर्डर तथा फतेहपुर बॉर्डर तक चलाया गया, जिसमें निदेशालय स्तर से विशेष सचिव व अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग अरुण कुमार के नेतृत्व में खान अधिकारी, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या एवं निदेशालय के सहायक रसायनज्ञ की संयुक्त टीम ने सघन जांच की गई।
अभियान के दौरान उपखनिजों का परिवहन कर रहे वाहनों की गहन जांच की गई। जांच में कई वाहनों पर नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल लगभग 5,23,840 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
उत्तर प्रदेश भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अंतररज्यीय सीमावर्ती जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपदों में स्थित खनन क्षेत्रों पर ही स्रोत स्तर पर लोडिंग मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए, जिससे परिवहन के दौरान नियमों का उल्लंघन न हो।
सचिव/निदेशक ने समस्त जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रदेश में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर और प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने कहा है कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यवाही में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग अरूण कुमार ने
सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप ही होने चाहिए। विभाग यह सख्त कार्यवाही अवैध खनन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ राजस्व वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण एवं सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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