मजदूरों को ‘श्रममित्र’ एप से घर बैठे मिलेगा रोजगार

चंडीगढ़, 20 मई । प्रदेश में अब मजदूरों को लेबर चौक पर दिहाड़ी की बाट नहीं जोहनी होगी, बल्कि घर बैठे श्रम मित्र एप पर रोजगार मिलेगा। नायब सरकार ने मजदूरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाते हुए श्रम क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। बुधवार को श्रम मंत्री अनिल विज ने श्रम मित्र एप का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा, पारदर्शी और त्वरित संपर्क स्थापित करेगा। श्रम मंत्री विज ने स्पष्ट किया कि श्रम मित्र एप एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज साबित होगा, जिससे श्रमिकों को अब काम की तलाश में लेबर चौक पर घंटों खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।

प्रदेशभर में श्रम मित्र एप पर अब तक 75 हजार श्रमिकों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। एप के जरिए राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर और अन्य श्रमिक घर बैठे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। जियो-मैपिंग तकनीक से लैस यह ऐप श्रमिकों और नियोक्ताओं को लोकेशन, दूरी और समय की लाइव जानकारी भी देगा। यह एप हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी – तीन भाषाओं में संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक एवं नियोक्ता सरलता से इसका लाभ उठा सकें। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस एप को विशेष रूप से लेबर चौक पर खड़े श्रमिकों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ऐप में श्रमिक अपनी कार्यकुशलता, अनुभव एवं विशेषज्ञता की विस्तृत जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नाई, मोची तथा अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्यों का पंजीकरण भी इस प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा।

विज ने बताया कि वर्तमान में श्रम विभाग के पास राज्य के सभी लेबर चौकों का विस्तृत डाटा उपलब्ध है तथा प्रदेश में लगभग 135 लेबर चौक संचालित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रम मित्र ऐप के व्यापक उपयोग के साथ आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था स्वत: समाप्त होती जाएगी और श्रम क्षेत्र पूरी तरह डिजिटल, संगठित एवं सुव्यवस्थित स्वरूप में परिवर्तित हो जाएगा।