बांसवाड़ा, 24 मई । गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (जीजीटीयू), बांसवाड़ा के राणा पूंजा सभागार में रविवार को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ’ का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने की।
इस अवसर पर राज्यपाल के उच्च शिक्षा सलाहकार एवं जीजीटीयू के पूर्व कुलगुरु प्रो. कैलाश सोडाणी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में गढ़ी विधायक कैलाशचन्द्र मीणा तथा सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित यह अध्ययन पीठ भारतीय ज्ञान परंपरा, एकात्म मानववाद, अंत्योदय, ग्राम विकास, सामाजिक समरसता और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय शोध एवं अकादमिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगी।
उन्होंने बताया कि अध्ययन पीठ के तहत भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियां, व्याख्यानमालाएं, शोध कार्यशालाएं, युवा संवाद और सामाजिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रमाणपत्र एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे।
अध्ययन पीठ के संचालन के लिए प्रो. नरेन्द्र पानेरी को निदेशक तथा डॉ. राकेश डामोर को समन्वयक नियुक्त किया गया है। शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विशेष पुस्तकालय और आधुनिक डिजिटल आर्काइव विकसित किया जाएगा।
इस डिजिटल अभिलेखागार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मूल साहित्य, ऐतिहासिक भाषणों और महत्वपूर्ण शोध सामग्री का विस्तृत संग्रह उपलब्ध रहेगा।