नई दिल्ली, 25 मई । दिल्ली उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के वकील आज जिला अदालतों के वित्तीय क्षेत्राधिकार बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे। न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का आह्वान दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने किया है।
एसोसिएशन के सचिव विक्रम सिंह पंवार के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में जिला अदालतों के वित्तीय क्षेत्राधिकार बढ़ाने के किसी भी प्रस्ताव का विरोध किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर जिला अदालतों का वित्तीय क्षेत्राधिकार बढ़ाया गया तो इससे उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। इसका न्याय वितरण प्रणाली पर काफी गहरा असर होगा।
इससे पहले दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकीलों ने इसी सवाल को लेकर 14 मई को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया था। जिला अदालतों में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का आह्वान ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली की को-आर्डिनेशन कमेटी ने किया था। अब को-आर्डिनेशन कमेटी ने दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के आज के न्यायिक बहिष्कार के आह्वान की आलोचना की है। को-आर्डिनेशन कमेटी ने भी नोटिस जारी कर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आह्वान का विरोध किया है।
ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली की को-आर्डिनेशन कमेटी ने दिल्ली की जिला अदालतों का वित्तीय क्षेत्राधिकार दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर बीस करोड़ करने की मांग की है। इस मांग पर को-आर्डिनेशन कमेटी की हाईकोर्ट प्रशासन से बात भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने 14 मई के बाद न्यायिक कार्यों के बहिष्कार को खत्म कर दिया था। अब इस सवाल पर वकीलों के दोनों संगठन आमने-सामने हैं।