गई। इससे शाम के समय अपने गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
सांझा संघर्ष समिति के नेता जोगेन्द्र पंघाल, अजय दुहन व संदीप जैनावास ने कहा कि यात्रियों
को हो रही परेशानी के लिए सीधे रूप से महाप्रबंधक जिम्मेवार है। कर्मचारी बार-बार अपनी मांगे उठाकर आंदोलन के लिए चेताते हैं लेकिन महाप्रबंधक उन्हें केवल
आश्वासन देकर टरका देते हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष है।
गुस्साए कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय के आगे
जाकर धरना शुरू कर दिया और उनके कार्यालय का घेराव करते हुए ऐलान किया कि जब तक मांगे
नहीं मानी जाएगी, वे यहां से नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने तक बसों का संचालन बंद
था और एसडीएम ज्योति मित्तल जीएम कार्यालय में बैठकर मध्यस्थता के प्रयास में लगी थी।