से किए गए वादे जल्द पूरे करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के राज्य प्रधान
गंगाराम मौण ने की, जबकि संचालन राज्य महासचिव जरनैल सिंह ने किया। जिला प्रधान ओमप्रकाश
माल, जिला सचिव दीपक मेहरा और अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारियों
का स्वागत किया।
सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा
के राज्य कोषाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की लंबे समय
से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले हुई बैठकों में
कई मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार
से कर्मचारियों के साथ किए गए वादों को तुरंत पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने एचकेआरएनएल, टर्म
अपॉइंटी और डेलीवेज कर्मचारियों को नियमित करने, नियमितीकरण तक समान काम के लिए समान
वेतन लागू करने, रैशनलाइजेशन के नाम पर समाप्त किए गए ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पद बहाल
करने, मैकेनिकल विंग और क्वालिटी कंट्रोल यूनिट को यथावत रखने, नए पद सृजित करने, विभागीय
पदोन्नतियां देने, एलटीसी, मेडिकल और यात्रा बिलों का भुगतान, कैशलेस मेडिकल सुविधा,
जोखिम भत्ता और एक्स-ग्रेशिया नीति में संशोधन सहित कई मांगें सरकार के सामने रखीं।
मंत्री आवास की ओर बढ़ रहे कर्मचारियों को रोकने
के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार
के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में भी उन्हें
अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जबकि सरकार उनकी समस्याओं की लगातार
अनदेखी कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान जब कर्मचारी मंत्री रणबीर सिंह
गंगवा के कैंप कार्यालय पहुंचे तो मंत्री के पुत्र संजीव गंगवा ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल
को 21 जुलाई को वार्ता के लिए आमंत्रण पत्र सौंपा। पत्र के अनुसार बैठक में लोक निर्माण
एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ संबंधित विभागों के प्रमुख
अभियंता भी मौजूद रहेंगे और कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इस दौरान यूनियन नेताओं ने विभिन्न विभागों में
कार्यरत कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित आवेदन भी संजीव गंगवा को सौंपे।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मंत्री रणबीर सिंह गंगवा कर्मचारियों की
मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखेंगे तथा विभागीय स्तर पर लंबित मामलों
के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
वार्ता का निमंत्रण मिलने के बाद यूनियन के राज्य
प्रधान गंगाराम मौण ने घोषणा की कि 21 जुलाई को होने वाली बैठक के परिणाम आने तक आंदोलन
को स्थगित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर संतोषजनक
निर्णय नहीं हुआ तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
प्रदर्शन में राज्य कोषाध्यक्ष राहुल हुड्डा,
वरिष्ठ उपप्रधान अजय कुमार, उप महासचिव राजेश धनखड़, मुख्य संगठनकर्ता योगेश शर्मा,
उप कोषाध्यक्ष हितेश शर्मा, प्रेस सचिव संदीप राठी, उपप्रधान राकेश तंवर, वरिष्ठ उपप्रधान
अफलातून जाखड़, उपप्रधान शिव कुमार धानक, सूरजभान जटासरा सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या
में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।