सुधीर शर्मा हिमाचली संस्कृति के अनुरूप भाषा का इस्तेमाल करें : मंत्री राजेश धर्माणी

शिमला, 08 अगस्त । तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ भाजपा नेता सुधीर शर्मा की कथित अमर्यादित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा को अपनी बोल-वाणी सुधारनी चाहिए और सार्वजनिक जीवन में हिमाचल की संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

राजेश धर्माणी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के लिए जिस तरह की असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह निंदनीय है। हिमाचल की राजनीतिक और सामाजिक परंपरा में विचारों के मतभेद के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और मर्यादा बनाए रखने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा हिमाचली समाज में स्वीकार्य नहीं है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि सुधीर शर्मा ऐसी बयानबाजी के जरिए सुर्खियों में आने और अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल में सुधीर शर्मा वर्तमान में हैं, वहां इस तरह की भाषा बोलने वालों को प्रोत्साहन मिलने का इतिहास रहा है। धर्माणी ने कहा कि संभव है कि इसी वजह से सुधीर शर्मा भी इस तरह की बयानबाजी के जरिए अपना राजनीतिक कद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हों।

उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा को यह समझना चाहिए कि हिमाचल की जनता बड़बोली और अमर्यादित राजनीति को पसंद नहीं करती। धर्माणी ने भाजपा के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच चल रही खींचतान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी से सुधीर शर्मा को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता सब कुछ देख और समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

राजेश धर्माणी ने आरोप लगाया कि सुधीर शर्मा राजनीतिक कुंठा के कारण मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली से बचना चाहिए।