अलवर, 13 अक्टूबर । राजस्थान के अलवर जिले में मंगलवार सुबह आगरा से बांदीकुई जा रही मेमू ट्रेन बेपटरी हो गई। खेरली रेलवे स्टेशन से करीब साढ़े तीन किलोमीटर पहले फाटक संख्या 66 और 67 के बीच ट्रेन की दूसरी बोगी के दो पहिए पटरी से नीचे उतर गए। अचानक तेज आवाज और झटके के साथ ट्रेन रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, ईदगाह आगरा से बांदीकुई के लिए रवाना हुई मेमू ट्रेन मंगलवार सुबह 8:50 बजे अपने गंतव्य की ओर निकली थी। सुबह करीब 11:20 बजे खेरली स्टेशन से पहले बिजली के खंभा संख्या 96/8 के सामने ट्रेन की दूसरी बोगी संख्या 228236/सी के दो पहिए पटरी से उतर गए। घटना के बाद ट्रेन को मौके पर ही रोक दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी और रेलवे सुरक्षा बल के जवान घटनास्थल पर पहुंचे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए दोपहर करीब एक बजे एम्बुलेंस भी मौके पर बुलाई गई।
मेमू ट्रेन के बेपटरी होने से भरतपुर-बांदीकुई रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
इसके चलते 12548 गांधीधाम-आगरा छावनी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को खेरली से वापस बांदीकुई भेजा गया। इसके बाद ट्रेन को बांदीकुई-अलवर-मथुरा मार्ग से आगरा के लिए रवाना करने की व्यवस्था की गई। अन्य प्रभावित ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया।
बताया जा रहा है कि नदबई से खेरली के बीच रेल लाइन की शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। हालांकि, मेमू ट्रेन के पहिए पटरी से उतरने के वास्तविक कारणों की रेलवे की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ट्रेन मोती का नंगला गांव के पास रुकी थी। तेज धूप और गर्मी के बीच ट्रेन में सवार यात्रियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में आसपास के ग्रामीण मदद के लिए आगे आए और अपने घरों से पानी लाकर यात्रियों को पिलाया। ग्रामीणों की इस पहल से परेशान यात्रियों को राहत मिली।
वहीं, ट्रेन के रुकने से आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेनों में आरक्षण कराने वाले यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। भरतपुर से बांदीकुई जा रहे यात्री जगदीश ने बताया कि उनका बांदीकुई से शाम चार बजे पोरबंदर जाने का आरक्षण था, लेकिन ट्रेन बेपटरी होने से उनकी आगे की यात्रा प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई।
