जालंधर में मंत्री के स्वागत में नदारद विधायक; प्रेसवार्ता में बालकार सिंह पर उठे सवाल

पंजाब के जालंधर वेस्ट से विधायक मोहिंदर भगत का स्वागत समारोह हाल ही में आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व मंत्री और करतारपुर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक बलकार सिंह का अनुपलब्ध रहना चर्चा का विषय बना। यह घटना और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई जब यह ज्ञात हुआ कि बलकार सिंह को लोकल बॉडी मंत्री के पद से हटा दिया गया है और उन्हें कोई अन्य मंत्रालय भी नहीं दिया गया है। इस स्थिति को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बलकार सिंह पार्टी के निर्णयों से नाराज़ हैं।

स्वागत समारोह के दौरान, जब पत्रकारों ने मोहिंदर भगत से बलकार सिंह की अनुपस्थिति को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा। इस वक्त उनके साथ बैठे विधायक रमन अरोड़ा ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। वीडियो फुटेज में रमन अरोड़ा यह कहते हुए देखे जा सकते हैं कि “जो काम नहीं करेगा, वो सरकार से अछूता नहीं रहेगा।” इसी बीच, जब एक पत्रकार ने बलकार सिंह की छुट्टी के कारणों पर सवाल उठाया, तो भगत ने कहा कि बलकार सिंह उनके आदरणीय हैं और पार्टी के फैसले के पीछे कोई न कोई वजह जरूर होगी।

मोहिंदर भगत ने यह भी कहा कि पहले के मंत्रियों ने शहर के विकास के लिए प्रयास किए हैं, लेकिन निगम न होने के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। उनका स्पष्ट बयान था कि जो लोग काम नहीं करेंगे, वे आसानी से सरकार से बाहर हो जाएंगे। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बलकार सिंह इसी कारण से हटाए गए हैं, तो भगत ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का फैसला था और वह इस पर कमेंट नहीं कर सकते।

मोहिंदर भगत, जो पंजाब सरकार के नए मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं, मंगलवार को जालंधर लौटे। उनके आगमन पर स्थानीय प्रशासन ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। उनके स्वागत के लिए उनके समर्थक बड़ी संख्या में जुटे थे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के अन्य विधायक, पूर्व एमएलए और कई वरिष्ठ पार्टी नेता भी मौजूद थे। भगत ने सबसे पहले अपने पिता और पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत का आशीर्वाद लिया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि वह अपने परिवार के योगदान को महत्व देते हैं।

इस प्रकार, मोहिंदर भगत का यह स्वागत समारोह ना केवल उनके राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पल था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पार्टी में आंतरिक समीकरणों और बदलावों का क्या प्रभाव पड़ सकता है। बलकार सिंह की अनुपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि पार्टी में अब भी कुछ तनाव और असंतोष चल रहा है, जिसे समय के साथ संभालना होगा।