अमृतसर में नशे में धुत ड्राइवर की बस ने मचाई तबाही, बाल-बाल बचे यात्री!

अमृतसर में एक तेज रफ्तार बस ने चलते-चलते कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना में बस में सवार यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। घटना की जानकारी देते हुए मजीठा रोड पर अग्रवाल सैनिटेशन के मैनेजर विजय राणा ने बताया कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थे और सड़क पर आराम से खड़े थे। अचानक, बिना किसी ट्रैफिक के, एक प्राइवेट बस ने पहले एक खोखे को टक्कर मारी और इसके बाद एक खड़ी कार में जा भिड़ी। इस टक्कर के कारण कार पूरी तरह से नष्ट हो गई और सड़क के बीच लुढ़ककर आ गई।

विजय कुमार ने कहा कि सड़क पर अधिक लोग नहीं थे, लेकिन जो भी थे, उन्होंने तुरंत ही दूर हटकर अपनी जान बचाई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रेहड़ियों पर सामान्यत: ग्राहक खड़े रहते हैं, लेकिन उस समय वे सभी सुरक्षित स्थान पर थे। यदि वहां ग्राहक होते, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती थी, क्योंकि बस सवारियों से भरी हुई थी और अगर वह डिवाइडर से टकरा जाती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। लोगों के बीच हड़कंप के बाद, चालक को जब सड़कों पर उतारा गया, तब पता चला कि उसने शराब पी रखी थी।

विजय राणा ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन दुर्भाग्यवश पुलिस की टीम अभी तक现场 नहीं पहुंची है। इस बीच, बस के सवारियों ने अपनी जान बचाने के बाद बस को छोड़ दिया, जबकि बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार और बस वहीं खड़ी हैं। खोखे के मालिक ने शिकायत की है कि उसे हुए नुकसान की भरपाई की जाए, क्योंकि उसकी दुकान को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

इस घटना ने आसपास के लोगों को जागरूक किया है कि सड़क पर हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। तेज रफ्तार बसों के चलते ऐसे हादसे कभी-कभी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ड्राइवरों को नियमित रूप से चेक किया जाना चाहिए ताकि नशे में गाड़ी चलानेवालों पर सख्त कार्रवाई हो सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

यातायात की सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। सभी को समझना चाहिए कि सड़क पर सावधानी और जिम्मेदारी बरतने से ही हम अपने और दूसरों की जान की सुरक्षित रख सकते हैं। ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।