केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में दिल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता केजरीवाल की नीति और कामकाज से त्रस्त है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने पंजाब को बर्बाद कर दिया है और आज राज्य पर चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार नशा-तस्करी को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है, और यह वही पैसा है जो आप सरकार दिल्ली के चुनावों में खर्च कर रही है।
समीक्षा करते हुए, बिट्टू ने केजरीवाल के द्वारा महिलाओं को दिए गए झूठे वादों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पंजाब की महिलाओं से एक हजार रुपए देने का वादा किया था, लेकिन अब तीन साल हो गए हैं और इस दौरान किसी भी महिला को ये पैसे नहीं मिले। अगर यह वादा पूरा होता, तो आज हर महिला को 36 हजार रुपए मिल चुके होते। इसके साथ ही, बुजुर्गों के लिए बुढ़ापे की पेंशन, विधवा पेंशन और शगुन योजना भी सही तरीके से लागू नहीं की गई है, जिससे राज्य की महिलाएं और बुजुर्ग इससे वंचित हैं। बिट्टू ने यह स्पष्ट किया कि इन वादों की अनदेखी ही लोगों को दिल्ली आकर आवाज उठाने के लिए मजबूर कर रही है।
बिट्टू ने यह भी बताया कि राज्य में विकास के लिए एक डबल इंजन की सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फारुख अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं, जिसके फलस्वरूप कश्मीर में विकासात्मक गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं। लेकिन, केजरीवाल के दिल्ली में रहने के कारण राष्ट्रीय मसलों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है और वह विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली को नष्ट करने की कोशिशों में जुटे केजरीवाल के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है। बिट्टू ने यह भी स्पष्ट किया कि केजरीवाल का विरोध करने से प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों में अवरुद्धता उत्पन्न हो रही है। उनका आरोप है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के शासन ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और अब समय आ गया है कि राज्य की जनता जागरूक हो और सही नेतृत्व के लिए प्रयास करे।
बिट्टू ने अपने भाषण में जनता से यह अनुरोध किया कि वे एक मजबूत सरकार बनाने में सहयोग दें ताकि विकास की गति को फिर से तेज किया जा सके। उनके अनुसार, सिर्फ एक मजबूत और जिम्मेदार सरकार ही पंजाब और दिल्ली दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।