बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर नगर निगमों द्वारा मानसून को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जलभराव संभावित स्थानों की पहचान, ड्रेनों की सफाई, स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन की स्थिति, सीवरेज व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 159 जलभराव संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें चार अत्यधिक गंभीर, 39 गंभीर, 56 मध्यम और 60 मामूली श्रेणी के स्थान शामिल हैं। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा ड्रेनों की सफाई और मरम्मत कार्य तेज गति से जारी है। कुल 607 किमी ड्रेन में से 408.59 किमी की सफाई पूरी हो चुकी है तथा शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रेन से संबंधित 97 कार्यों में से 72 पूरे हो गए हैं तथा शेष प्रगति पर हैं। मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए 109 पंप और 63 सक्शन टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में कुल 468 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में से 309 कार्यशील हैं, जबकि 159 को दुरुस्त किया जा रहा है। इनकी मरम्मत और सफाई से जलभराव की समस्या कम करने और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।