फतेहाबाद : मांगों को लेकर सडक़ों पर उतरे निर्माण मजदूर, सरकार की उदासीनता पर जताया रोष
फतेहाबाद, 14 फरवरी (हि.स.)। निर्माण मजदूरों की मांगों को लेकर भवन निर्माण श्रमिक संघ हिसार मंडल संबंधित एटक द्वारा शुक्रशार काे फतेहाबाद में रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन करते हुए मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन में निर्माण मजदूरों ने भारी संख्या में भाग लिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन से पूर्व निर्माण मजदूर दीनदयाल पार्क में एकत्रित हुए और सभा का आयोजन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य प्रधान विक्रम सिंह ने किया तथा संचालन राज्य महासचिव विनोद दड़ौली ने किया। मजदूर नेताओं ने कहा कि निर्माण मजदूरों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर संगठन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की उदासीनता के चलते मजदूरों को कोई भी सुविधा समय पर नहीं मिल रही है। सरकार मजदूरों के कल्याण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर उनके साथ भद्दा मजाक कर रही है। भाजपा सरकार पिछले दस वर्षों से श्रमिक कल्याण बोर्ड के पैसों पर कुंडली मारकर बैठी हुई है। गलत आपत्तियां लगाकर मजदूरों को उनको मिलने वाले लाभ से वंचित किया जा रहा है। भवन निर्माण श्रमिक संघ कई बार श्रम मंत्री तथा बोर्ड के अधिकारियों व उपायुक्त को ज्ञापन देकर मजदूरों की मांगों को पूरा करने व बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की गुहार लगा चुका है, लेकिन इसको लेकर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। सरकार की अनदेखी के कारण निर्माण मजदूर धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की उपेक्षा के कारण मजदूरों में भारी रोष व्याप्त है। इस मौके पर भवन निर्माण राज्य प्रधान विक्रम सिंह, राज्य महासचिव विनोद दड़ौली, रोडवेज प्रधान राजू बिश्नोई, सहदेव रोडवेज, जिला महासचिव धर्मवीर सिंह, राज्य सचिव सुनील मैडल, जिला प्रधान वजीरचंद, मान सिंह, पवन कुमार सुलीखेड़ा, जयनारायण खाबडा, सौरव फतेहाबाद, राजेश चौबारा भी मौजूद रहे। भवन निर्माण श्रमिक संघ की मांग है कि सभी निर्माण मजदूरों का पंजीकरण किया जाए, फैमिली आईडी की अनिर्वायता रद्द की जाए, बेमानी आपत्तियों पर रोक लगाई जाए। सभी सुविधाओं को जारी किया जाए, हरियाणा में सभी ब्लॉकों में लेबर चौकों पर लेबर शेड, पीने के लिए स्वच्छ पानी व शौचालय की व्यवस्था की जाए। रिजेक्ट फार्मों को री-ओपन किया जाए, 90 दिन की वेरीफाई आसानी से करवाई जाए। सभी गांवों में मनरेगा लागू करवाई जाए, मनरेगा में 200 दिन काम दिया जाए, 600 रुपये दिहाड़ी लागू की जाए। श्रम कल्याण बोर्ड व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। रद्द पंजीकरण बहाल तुरंत प्रभाव से किए जाए।