झारखंड के बजाय आदिवासी दूसरे राज्यों में ज़्यादा सुरक्षित : राफिया
रांची, 3 फ़रवरी (हि.स.)। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने कहा है कि झारखंड के बजाय आदिवासी दूसरे राज्यों में ज़्यादा सुरक्षित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरने से राज्य के आदिवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राफिया ने यह बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 46वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल हवा-हवाई है और इसकी कोई वास्तविकता नहीं है। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा था कि पूरे देश में जहां कहीं भी आदिवासी हैं, वे झारखंड आएं, हम उन्हें बसायेंगे।
राफिया ने कहा कि हकीकत यह है कि झारखंड राज्य के आदिवासी भाई-बहन आज असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में आदिवासी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। झारखंड के आदिवासी समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण राज्य में आदिवासी समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहा है ।
मुख्यमंत्री पहले राज्यभर के आदिवासी समुदाय की सुरक्षा को सुनिश्चित करें फिर आमंत्रण दें। राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड के आदिवासी समुदाय की भूमि और संसाधनों पर लगातार बांग्लादेशी घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है, जो न केवल उनके अस्तित्व के लिए खतरा बन चुका है, बल्कि उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मिटाने की साजिश की जा रही है। ये घुसपैठ झारखंड के सांप्रदायिक और सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में सीमा सुरक्षा की स्थिति और राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण बांग्लादेशी घुसपैठियों का लगातार बढ़ता प्रभाव राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
भाजपा इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की मांग करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार से आग्रह करती है कि आदिवासी समुदाय को पूरी सुरक्षा और न्याय मिले। उन्होंने हमारी पार्टी आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है और हम राज्य सरकार से बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील करते हैं।
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