डीटीपी इंफोर्समेंट ने हाल ही में मोजमाबाद और किड़ावली गांव में अवैध रूप से निर्मित आलीशान फार्म हाउसों के खिलाफ सख्त कदम उठाया। बुधवार को, विभाग ने लगभग 20 एकड़ भूमि में बने इन फार्म हाउसों को जमींदोज कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई बड़े रसूखदारों के फार्म हाउसों पर की गई थी, जिससे स्थानीय प्रशासन को ये जानकर भरपूर तैयारी करनी पड़ी कि यह कार्रवाई विवादों से भरी हो सकती है। इसलिए, तोड़फोड़ दस्ते ने मौके पर पहुँचते ही कार्रवाई शुरू की, और जब तक यह प्रक्रिया खत्म नहीं हुई, किसी भी बाहरी दबाव को नकारने का निर्णय लिया गया था।
डीटीपी के अधिकारी राहुल सिंगला ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि यमुना के पार मोजमाबाद और किड़ावली गांव में अवैध रूप से कई फार्म हाउस बनाए गए हैं। इस सूचना के बाद, विभाग ने कार्रवाई की पूरी रूपरेखा तैयार की और पुलिस बल की व्यवस्था की। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई के दौरान कोई भी समुदाय या व्यक्ति विरोध न कर पाए। सुबह नौ बजे, तोड़फोड़ दस्ते ने फार्म हाउस कॉलोनी में प्रवेश किया और अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।
जैसे ही तोड़फोड़ की जानकारी मिलते ही कुछ फार्म हाउस मालिक मौके पर पहुंचे और अपने रसूख का हवाला देने लगे। उन्होंने दस्ते को रोकने के लिए अपने प्रभावशाली संपर्कों को फोन किया, लेकिन डीटीपी अधिकारियों ने किसी भी तरह का दबाव नहीं लिया और कार्रवाई जारी रखी। सिंगला ने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि फार्म हाउस मालिकों द्वारा अपने संपर्कों से मदद मांगने का प्रयास किया जाएगा। इसलिए, कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान, लगभग 12 आलीशान फार्म हाउस और 17 बाउंड्री वाल को तोड़ दिया गया। ये फार्म हाउस अपने भव्य निर्माण और सुविधाओं के लिए जानी जाती थीं। इसके अतिरिक्त, कई अन्य संरचनाएं भी जमींदोज कर दी गईं। विभाग ने इस कार्रवाई में भारी मशीनरी का उपयोग किया और पुलिस बल पूरे समय सतर्क रहा, जिससे कार्रवाई के विरोध के कम से कम प्रयास हो सके।
डीटीपी इंफोर्समेंट के अधिकारियों ने बताया कि सामान्यतः इस प्रकार की कार्रवाई बड़े व्यक्तियों द्वारा निर्मित फार्म हाउस से जुड़ी होती है, इसलिए इन्हें तोड़ना एक चुनौती होती है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिला, जिससे अवैध निर्माणों के खिलाफ यह सफल अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के चलते डीटीपी इंफोर्समेंट ने कड़े कदम उठाकर स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध निर्माणों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।