**यूपी के संभल में ‘धनवर्षा’ गैंग का खुलासा, पुलिस ने पकड़े 14 आरोपी**
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जिसमें ‘धनवर्षा’ नामक एक गैंग ने 350 से अधिक लड़कियों को अपने जाल में फंसाया है। यह गैंग तंत्र-मंत्र के जरिए आसमान से नोटों की बारिश कराने का दावा कर रहा था। इसके लिए गैंग ने कुछ अनोखे नियम बनाए हैं, जैसे कि लड़की की लंबाई साढ़े पांच फीट से कम न हो, उसके पास किसी तरह का यौन अनुभव न हो और उसे कुत्ते या बिच्छू ने नहीं काटा हो। यदि लड़कियां इन 20 नियमों पर खरी उतरती थीं, तो उन्हें धनवर्षा की बात बताई जाती थी। अब तक की पुलिस की जांच में गैंग के सदस्यों के मोबाइल से करीब 350 लड़कियों के फोटो और वीडियो मिले हैं, लेकिन उनकी पहचान और वर्तमान स्थिति की जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।
इस मामले की शुरुआत संभल के कस्बा धनारी से हुई, जहाँ 21 मार्च को राजपाल नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसे तंत्र क्रिया के बहाने तीन युवकों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। उसे चनका ठीक कराने के नाम पर आगरा ले जाया गया, जहां उसे बंधक बना कर तंत्र क्रिया करने का प्रयास किया गया। इस गंभीर आरोप को लेकर पुलिस ने तज़बीज किए गए वीडियो और फोटो का विश्लेषण किया, जिसमें न्यूड लड़कियों का एक वीडियो भी शामिल था। इस वीडियो में जादू की प्रक्रिया को दिखाया गया है और दावा किया गया है कि इसी के जरिए धनवर्षा की गई।
गैंग का मुख्य लक्ष्य उन लड़कियों को टारगेट करना था, जिनकी लंबाई साढ़े पांच फीट या अधिक थी। परिवारों से यह कहा जाता था कि यदि उनकी बेटी पर तंत्र क्रिया की जाती है, तो वे जल्द करोड़पति बन जाएंगे। इसके लिए पहले लड़कियों से व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त की जाती थी और फिर उनके वीडियो बनाकर तंत्र क्रिया की तारीख तय की जाती थी। तंत्र क्रिया के समय केवल गुरू और लड़की ही मौजूद होते थे। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि तंत्र क्रिया के अंतर्गत लड़कियों की यौन शोषण की घटनाएं भी हुई थीं, जिन्हें गैंग के सदस्यों द्वारा छिपाया गया था।
पुलिस ने गैंग के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ तांत्रिक शामिल हैं, जिनका दावा है कि तंत्र क्रिया वास्तव में धनवर्षा करती है। इनमें से एक आरोपी रेलवे स्टेशन का स्टेशन मास्टर भी है। पुलिस ने कहा कि ये लोग अंधविश्वास के घेरे में हैं और इस प्रक्रिया को लेकर गहरी आस्था रखते हैं। अब पुलिस इन लड़कियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से संपर्क कर रही है, ताकि वे यह जान सकें कि इनमें से कोई लड़की गायब तो नहीं है। यह मामला जितना गंभीर है, उतना ही संवेदनशील भी है, क्योंकि इसमें न केवल लड़कियों की सुरक्षा बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
संभल के इस गैंग के सक्रियता की जानकारी इसी से लगाई जा सकती है कि यह पिछले सात-आठ सालों से काम कर रहा था। अब तक पुलिस ने जिन लड़कियों का पता लगाने की कोशिश की है, उनमें से अधिकांश का कोई सबूत नहीं मिल पाया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सभी संबंधित विभागों से संपर्क किया है ताकि किसी भी लड़की को बचाया जा सके और इस गैंग के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके। इस मामले में तेजी से कार्यवाही कर रही पुलिस अब सभी से जुड़ी जानकारियों को संकलित कर रही है।