नई दिल्ली, 28 अप्रैल । उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के हौज खास इलाके के डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व भेजने की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए ये निर्देश दिया।
अब दिल्ली के डियर पार्क में केवल 38 हिरण रखे जा सकते हैं। यह डियर पार्क भविष्य में भी संरक्षित वन बना रहेगा और इसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा और न ही किसी व्यावसायिक आयोजन के लिए लीज पर दिया जा सकेगा।
कोर्ट ने कहा कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट दिशा-निर्देशों को वैधानिक दर्जा दिया जाए। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय छह महीने के भीतर इसे देश भर में लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करे। हिरणों के स्थानांतरण की निगरानी सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी करे।
हौजखास के डियर पार्क में हिरणों की संख्या बढ़ जाने की वजह से सेंट्रल जू अथॉरिटी ने उन्हें राजस्थान भेजने की योजना बनाई थी। इस योजना को न्यू दिल्ली नेचर सोसायटी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।