सुसाइड से पहले मानव का चौंकाने वाला वीडियो: निकिता के लिए ले गया BP मशीन, सास की धमकी शामिल!

**आगरा में TCS मैनेजर मानव शर्मा का आत्महत्या मामला: नए सबूत और बयान सामने**

आगरा में TCS के मैनेजर मानव शर्मा के आत्महत्या मामले में एक नया और महत्वपूर्ण वीडियो प्रकाश में आया है। यह वीडियो 24 फरवरी की रात का है, जब मानव अपनी पत्नी निकिता को उसके पिता के घर, बरहन छोड़ने गया था। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें अनेक परिवार के सदस्यों के बयानों में असंगति पाई गई है। पुलिस ने मानव के परिवार और पड़ोसियों के बयान को भी शामिल किया है। अब सवाल यह उठता है कि इस सुसाइड मामले का असली सच क्या है?

**निकिता के बयानों के जरिए मामले की परतें खुल रही हैं**

निकिता का कहना है कि शादी के बाद वे दोनों मुंबई में रहते थे और मानव को एक इंस्टाग्राम संदेश मिला, जिसमें यह बताया गया कि उसका कोई और संबंध है। इसके पश्चात मानव का व्यवहार बदलने लगा, और वह मानसिक अवसाद में चला गया। निकिता ने बताया कि उसने मानव को कई बार समझाया, लेकिन फिर भी मानव ने आत्महत्या का प्रयास किया। मानव के माता-पिता से संपर्क करने के बाद, कुछ समय के लिए वह ठीक रहा परंतु फिर से वही समस्याएं शुरू हो गईं। 23 फरवरी को आगरा जाने के बाद, निकिता ने उसे अंतिम बार देखा, जब वह बरहन गया।

**पिता और मां के बयानों में क्या कहा गया?**

निकिता के पिता नृपेंद्र शर्मा ने कहा कि मानव ने उनसे तलाक की बात की थी और रात को उन्हें गले मिलकर विदाई दी थी। वहीं, निकिता की मां पूनम ने कहा कि उन्होंने मानव को साफ-साफ कहा था कि वे तलाक नहीं देंगे और उन पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि वे परिवार के सामने निकिता की बुराई नहीं सुनना चाहते थे।

जबकि, मानव के परिवार का कहना है कि मानव मानसिक तनाव में चला गया था क्योंकि उसे निकिता के पिछले रिश्तों का पता चला था। मानव के पिता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को समझाया था कि वह निकिता को माफ कर दे, लेकिन निकिता ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

**पुलिस की निष्कर्ष और चार्जशीट**

पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच पूरी की है और निकिता, उसके पिता, मां और बहन को दोषी ठहराया है। चार्जशीट में यह लिखा गया है कि निकिता के कई पुरुषों के साथ संबंध थे और जब मानव ने तलाक की बात की, तब उसके परिवार ने उस पर दबाव डाला। पुलिस ने इस पूरे मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं, जो आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने के संबंध में हैं।

यह मामला कई सवाल उठाता है, जैसे कि क्या परिवार के बीच संवाद की कमी थी या क्या मानसिक स्वास्थ्य संकट के संकेतों को नजरअंदाज किया गया? इस केस की जांच जारी है और इससे जुड़े सभी तथ्य सामने आना अभी बाकी हैं। ऐसे मामलों में सभी को गंभीरता से लेना आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।