सेवारत कोटे में पीजी कर रहे अभ्यर्थी का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं किया-हाईकोर्ट
जयपुर, 24 मई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने सेवारत कोटे में मेडिकल पीजी डिप्लोमा कर रहे प्रार्थी का ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करने पर प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव और निदेशक नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जाम सहित अन्य से जवाब तलब किया है। जस्टिस समीर जैन ने यह आदेश डॉ. संजय शर्मा की याचिका पर दिए।
याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि याचिकाकर्ता ने इन सर्विस अभ्यर्थी के तौर पर साल 2023 में नीट पीजी परीक्षा दी थी। उसे मेरिट में आने पर काउंसलिंग के जरिए अक्टूबर 2023 में राजकीय सामान्य चिकित्सालय सवाई माधोपुर आवंटित हुआ। इसमें याचिकाकर्ता दिसंबर 2023 से ही पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा शिशु रोग की ट्रेनिंग कर रहा है। इसकी सूचना उसने 2 जनवरी 2024 को ही कार्यकारी निदेशक नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जाम मेडिकल साइंस को दे दी थी, लेकिन 4 मार्च 2025 को एक मैसेज मिला कि उसे वेबसाइट पर पीजी जॉइनिंग अपडेट करनी है। वह उसी दिन अपनी ज्वाइनिंग को अपडेट करने की प्रक्रिया की, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। कई बार प्रयास करने के बाद भी बिना किसी कारण उसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। इससे वह फाइनल एग्जाम का फॉर्म भरने से भी वंचित हो रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
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