दमोह : हत्याकांड मामले में दो आरोपितों को आजीवन कारावास

सहायक निदेशक अभियोजन धर्मेंद्र सिंह तारन ने जानकारी देते हुये बताया कि फरियादी भूरा आदिवासी ने 29 मई 2023 को थाना दमोह देहात अंतर्गत पुलिस चौकी जबलपुर नाका में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई हल्ले आदिवासी 28 मई 2023 को दोपहर 4 बजे से घर से बिना बताए कहीं चला गया है।

01 जून 2023 को ग्राम बिजौरी के चैकीदार ने सूचना दी कि भूरी मीजा के कौठाबारी जंगल में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुँचकर पुलिस ने शव की पहचान हल्ले आदिवासी के रूप में की। शव की स्थिति क्षत-विक्षत थी, सिर की हड्डियाँ टूटी हुई थीं तथा शरीर के कई हिस्सों को जंगली जानवरों ने खा लिया था। विवेचना में पाया गया कि मृतक को अंतिम बार अभियुक्त हल्लाई उर्फ धर्मेंद्र पटेल और संतोष पटेल के साथ देखा गया था। विवेचना जांच में यह सिद्ध हुआ कि पुरानी रंजिश वश दोनों आरोपियों ने मिलकर हत्या की थी, साक्षियों के कथन एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय में आई मौखिक, दस्तावेजी साक्ष्य एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपीगण को आजीवन कारावास से दंडित किया । मामले में पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या द्वारा की गई एवं सहायक श्री तरुण कुमार सोनी एवं आरक्षक भूपेंद्र पांडे द्वारा आवश्यक सहयोग किया।