टाटा मेन अस्पताल में घायल बिजली मिस्त्री की मौत, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद श्याम सुंदर को पहले चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही और गुरुवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

श्याम सुंदर की मां दुर्गा मुनी रजक ने कराईकेला थाना में आवेदन देकर बिजली विभाग के कर्मी शंभू विश्वकर्मा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि हादसे के वक्त शंभू विश्वकर्मा द्वारा बिना किसी चेतावनी या सूचना के बिजली लाइन को चालू कर दिया गया था, जिससे उनका बेटा करंट की चपेट में आ गया। शंभू चक्रधरपुर स्थित सेन्ट्रल बैंक के पास कुसुमकुंज का रहने वाला बताया गया है।

परिजनों का कहना है कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और विभाग के जरिये मानक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मृतक के परिवार ने दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि विभाग समय रहते जिम्मेदारी तय करता, तो यह हादसा रोका जा सकता था।

श्याम सुंदर की असामयिक मौत से परिवार पर गहरा दुख छाया हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार के लिए यह एक बहुत बड़ी क्षति है। क्षेत्र में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है और लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

कराईकेला थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों का आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।