विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की गहन जांच करने के लिए सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंपा हूं। समिति तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला को समन करेगी। उनकी मौजूदगी और निर्देशन में ही 9 अगस्त, 2022 को इस कथित फांसी घर का उद्घाटन किया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार से प्राप्त वर्ष 1912 का नक्शा, अन्य दस्तावेजों के आधार पर यह सदन इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि यहां न तो कभी फांसी घर था और न ही ऐसी कोई सुरंग थी, जो इस दिल्ली विधानसभा से लाल किला तक जाती हो।
उन्होंने कहा कि अतः सदन की भावना के आधार पर यह निर्णय लिया जाता है कि इस हेरिटेज दिल्ली विधानसभा को पुनः मूलरूप में परिवर्तित किया जाए और इन दोनों टिफिन रूम में विधानसभा का वर्ष 1912 का नक्शा भी स्थापित किया जाए जिससे कभी कोई इस भवन की गरिमा को ठेस न पहुंचा सके।
विधानसभा परिसर में 9 अगस्त, 2022 को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के दिन जो इस फर्जी फांसी घर के उद्घाटन का शिलापट्ट, जिस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम लिखा है, उस शिलापट्ट को भी हटा दिया जाए।
हेरिटेज बिल्डिंग के मूलरूप के साथ की गई छेड़छाड़ और फर्जी फांसी घर तथा फर्जी सुरंग बताकर जो इतिहास को बदलने का अपराध किया गया है, ऐसे लोगों को देश कभी माफ नहीं करेगा। अतः यह सदन इस कुकृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है।