मानसून 2026 की तैयारी: आपदा से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर

मंडी, 25 अप्रैल । आगामी दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 को ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार देर शाम एक अहम कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने की। इस बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति में शीघ्र, समुचित और समन्वित प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए, ताकि जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति से जुड़ी जानकारी समय पर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

अपूर्व देवगन ने रेड और ऑरेंज अलर्ट के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अलर्ट के दौरान अपने स्टेशन न छोड़ें और आवश्यकता पड़ने पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश समय पर जारी किए जाएं। उन्होंने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को कीरतपुर-मनाली, हमीरपुर-मंडी वाया कोटली और बिजनी-पधर जैसी प्रमुख सड़कों को 24 घंटे चालू रखने के लिए पहले से पूरी तैयारी करने को कहा।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सड़कों की नालियों और डंपिंग स्थलों की सफाई मानसून से पहले पूरी कर ली जाए, ताकि जलभराव की समस्या न हो। सुरक्षा दीवारों और अन्य निर्माण कार्यों को भी समय रहते पूरा करने पर जोर दिया गया। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से मशीनरी और संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पंडोह और लारजी बांध से पानी छोड़ने से पहले निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सायरन और सोशल मीडिया के जरिए सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइनों की तुरंत मरम्मत करने और लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक में पुलिस, होम गार्ड, लोक निर्माण, जल शक्ति और विद्युत विभाग सहित कई एजेंसियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी दी और बताया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।