कांग्रेस सेवादल का किसान सत्याग्रह संपन्न, 8 दिन में समाधान नहीं तो प्रदेशभर में चक्का जाम की चेतावनी

भोपाल, 24 अप्रैल । मध्य प्रदेश के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल द्वारा राजधानी भाेपाल में आयोजित 24 घंटे का किसान सत्याग्रह और उपवास शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान यह स्पष्ट संकल्प लिया गया कि किसानों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यह अभियान किसानों से किए गए वादों को जमीन पर लागू करवाने की लड़ाई है। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल के वादे के बावजूद किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे भी कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि तय मूल्य से कम पर खरीदी हुई है, तो यह सीधे तौर पर किसानों के हक की रकम की “चोरी” है, जिसकी जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व पर है।

पटवारी ने खरीदी केंद्रों पर तौल में गड़बड़ी और अन्य अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो बड़वानी से ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा।

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने आंदोलन को “सिर्फ शुरुआत” बताते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रमुख मुद्दों को रेखांकित करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों से लूट हो रही है, ‘नरवाई’ के मामलों में किसानों पर फर्जी केस दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है, और ऋण वसूली की समय-सीमा किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाती है। उन्होंने मांग की कि ऋण वसूली की अंतिम तिथि को फसल खरीदी की अंतिम तिथि से जोड़ा जाए।

कार्यक्रम के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। इसके बाद कांग्रेस सेवादल की ओर से किसानों की मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें सुखदेव पांसे, पी.सी. शर्मा, महेंद्र जोशी, मीनाक्षी नटराजन, शैलेंद्र पटेल, पी.एन. मिश्रा, संगीता कांकरिया, प्रवीण सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए।