मोबाइल एप आधारित सर्वे से कमार जनजाति के विकास को मिलेगी नई दिशा

धमतरी, 14 अप्रैल । जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के समग्र विकास के लिए डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। मोबाइल एप आधारित इस सर्वे के माध्यम से समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक डेटा जुटाया जा रहा है। जिससे योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) कमार समुदाय के सर्वेक्षण के लिए भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के मार्गदर्शन में एक अभिनव मोबाइल एप आधारित पहल शुरू की गई है। इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से प्रत्येक कमार परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का त्वरित, सटीक एवं पारदर्शी डाटा संग्रह किया जा रहा है जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।

जिला प्रशासन ने बताया है कि सर्वे में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की पहुंच से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। मोबाइल एप के उपयोग से डेटा एंट्री में न केवल गति आई है बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम हुई है। जिससे वास्तविक स्थिति के अनुरूप योजना निर्माण संभव हो सकेगा।

जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए मैदानी अमले को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि सर्वे कार्य प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके। साथ ही सर्वे के दौरान समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को भी समझा जा रहा है। यह पहल शासन की जनजातीय समुदायों के समग्र एवं समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस डिजिटल पहल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे कमार जनजाति के जीवन स्तर में ठोस सुधार आने की उम्मीद है।