सतना, 14 अप्रैल । मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ समारोहपूर्वक मनाई गई। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि बाबा साहब की जीवनी और उनके संघर्ष को जानना आने वाली पीढी के लिए सदा प्रेरणादायी रहेगा।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया। इस मौके पर राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि नियम हमारे जीवन को व्यवहारिक और व्यवस्थित बनाते है। बाबा साहब ने अपने जीवन में अनेक संघर्षो को झेलने के बावजूद भी सभी देशों से सर्वश्रेष्ठ संविधान की रचना की। संविधान बनाते समय विभिन्न क्षेत्रों से 15 महिलाओं की भूमिका भी शामिल की गई। हमारा संविधान सुखी और समृद्ध जीवन का रास्ता दिखाता है। सम्पूर्ण देशवासी न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास करते हुए अपने मानव जीवन में आगे बढे।
उन्होंने कहा कि संविधान की व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक कार्यो के लिए सशक्तीकरण की योजनायें और नीतियां क्रियान्वित की। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से पंचायत से पार्लियामेंट तक महिलाओं की हिस्सेदारी का सुगम रास्ता सुनिश्चित किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षत करते हुए सांसद गणेश सिंह ने कहा कि आज समूचा देश संविधान के रचयिता बाबा साहब की 135वीं जयंती श्रद्धा उल्लास के साथ मना रहा है। देश के इतिहास में बाबा साहब की दूर दृष्टि, विचार और आदर्श युगों-युगों तक जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में बडा राजनैतिक परिवर्तन हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले लोकतंत्र के मंदिर को दण्डवत प्रणाम कर संकल्प लिया कि बाबा साहब के सपनों का भारत बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब के जन्म, शिक्षा,-दीक्षा, निवास सहित जीवन पर्यन्त उनसे जुडे स्थल आज तीर्थस्थल बन गये है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार बाबा साहब के बनाये संविधान को धरातल पर उतारकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में अग्रसर है।
जिला पंचायत की उपाध्यक्ष सुस्मिता पंकज सिंह ने कहा कि आज बाबा साहब अम्बेडकर जैसे महापुरूष सदियों में एक बार जन्म लेते है। बाबा साहब के जन्म, शिक्षा, कार्य स्थल सहित उनसे जुडे हुए सभी स्थान देश के लिए तीर्थ स्थल बन गये है। कार्यक्रम के अंत में जनजातीय कार्य विभाग के छात्रवासों एवं स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निबंध, रंगोली, भाषण, गायन, मेंहदी, चित्रकला, प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रमाण पत्र और पुरूस्कार वितरित किये गये।
सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह ने इस मौके पर 14-15 वर्षीय किशोरियों के टीकाकरण एचपीवी के चल रहे अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, ए.एन.एम. तथा स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गौरव शर्मा ने किया।