भगवान सिंगबोंगा की स्तुति से मन में भक्ति का भाव होता है पैदा : धर्मगुरु बगरय

खूंटी, 09 मई । मुरहू प्रखंड के डौगड़ा में शनिवार को सरना धर्म सोतो समिति के तत्वावधान में दो दिवसीय सरना धर्म प्रार्थना सभा का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में धर्मगुरु बगरय मुंडा, धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया, धर्मगुरु बुधराम सिंह मुंडा और बिरसा कंडीर की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने सरना स्थल पर भगवान सिंगबोंगा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए धर्मगुरु बगरय ओड़ेया ने कहा कि सरना धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता और एकजुटता के बिना समृद्ध समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। समाज से डाइन-बिसाही, अशिक्षा और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियों को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी को समाज में समान अधिकार मिलना चाहिए और वंचित, शोषित और दीन-दुखियों के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है, तभी समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता का वातावरण बनेगा।

मंगा ओड़ेया ने कहा कि भगवान सिंगबोंगा की स्तुति से मन और आत्मा में श्रद्धा और भक्ति का भाव पैदा होता है एवं समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि समाज और संगठन के सिद्धांतों को अपनाकर ही समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। आज भी समाज में कई धार्मिक एवं सामाजिक रूढ़ियां मौजूद हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से समाप्त करने की जरूरत है।

कार्यक्रम में मथुरा कंडीर, बुधराम सिंह मुंडा, सलीम मुंडा, किशुनराय मुंडा, जीतनाथ पहान, सुनिल ओड़ेया, मंगा ओड़ेया, मधियाना धान, जमुना मुंडू, बिरसिंह ओड़ेया, सुगना पहान, कोलाय ओड़ेया, बंटी ओड़ेया, टुटी ओड़ेया और नरनसिंह तोपनो सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे और सरना धर्मावलंबियों को संबोधित किया।

समारोह में खूंटी, मुरहू, बंदगांव, अड़की, कोचांग, बिरबंकी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल हुए। आयोजन समिति के अनुसार, रविवार को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में धर्मगुरु बंधन तिग्गा, सांसद कालीचरण मुंडा, जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया सहित कई शामिल होंगे।