कैंसर की समय पर पहचान और त्वरित इलाज से बचाई जा सकती है जिंदगी : शिवराज सिंह

विदिशा, 06 जून । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर शनिवार को मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित अटल बिहारी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में तीन दिवसीय कैंसर परीक्षण एवं उपचार शिविर का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान और त्वरित इलाज से अनेक लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि यह शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा का महायज्ञ है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं और विशेषज्ञों ने अपनी महत्वपूर्ण आहुति दी है। उन्होंने देश और विदेश में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ख्यातिप्राप्त टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि विदिशा मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट के संचालन के लिए उनके सहयोग से क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अब कैंसर उपचार के लिए मरीजों को मुंबई जैसे दूरस्थ शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। विदिशा में ही जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं विकसित होने से हजारों मरीजों और उनके परिजनों को समय, धन और मानसिक परेशानी से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कैंसर से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ कैंसर के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने किसानों से कृषि कार्यों में उर्वरकों एवं रसायनों का संतुलित और सीमित उपयोग करने का आग्रह करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

टाटा मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से होंगे कैंसर के इलाज के विशेष प्रबंध : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कैंसर रोगियों के बेहतर उपचार और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि विदिशा मेडिकल कॉलेज में कैंसर के इलाज के लिए देश की प्रतिष्ठित संस्था टाटा मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं और उपचार संबंधी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर एवं घातक बीमारी की समय रहते पहचान हो जाने पर उसका उपचार अधिक प्रभावी और सफल हो सकता है। बीमारी को नजरअंदाज करने अथवा देर से पहचान होने पर मरीजों और उनके परिजनों को शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए कैंसर के प्रति जागरूकता और प्रारंभिक जांच अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि 13 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही कैंसर होने के कारणों, इसके लक्षणों, बचाव के उपायों और आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2003 से पूर्व स्थापित सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में कैंसर की जांच और उपचार के लिए आवश्यक आधुनिक मशीनें एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में विदिशा और सागर मेडिकल कॉलेजों में भी कैंसर परीक्षण एवं उपचार की उन्नत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 52 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 15 निजी मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। आने वाले समय में प्रदेश में चिकित्सकों की उपलब्धता मांग से अधिक होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं सुलभ बन सकेंगी। उन्होंने कैंसर उपचार शिविर को अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से मरीजों को सही परामर्श, समय पर जांच और उपचार की दिशा मिलती है। इससे मरीजों को विभिन्न स्थानों पर भटकने की समस्या से राहत मिलेगी तथा उन्हें एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मुकेश टंडन, टाटा मेमोरियल कैंसर हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. पंकज चतुर्वेदी, भोपाल एम्स हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. माधवानंद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल छात्र, स्वास्थ्यकर्मी एवं आमजन उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से कैंसर की प्रारंभिक जांच, परामर्श और उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

विदिशा मेडिकल कॉलेज परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्य अतिथियों के साथ विदिशा के शासकीय अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर आम के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विदिशा में कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर में केंद्रीय मंत्री ने मरीजों से की मुलाकात

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर में पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। शिविर में विदिशा सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में मरीज कैंसर स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श के लिए पहुंचे थे। उन्होंने मरीजों की समस्याएं सुनीं और उनके उपचार, जांच तथा अन्य आवश्यक सहयोग के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ समय पर जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा जरूरतमंद मरीजों तक उपचार सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। मरीजों और उनके परिजनों ने मंत्री के इस संवेदनशील प्रयास की सराहना की। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, परामर्श और जागरूकता संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई हैं।