जयपुर, 27 अगस्त । महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सर्व समाज की महिलाओं की ओर से चलाए गए अभियान के तहत गुरुवार को 11 महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर विभिन्न अपेक्षाओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इससे पहले 16 अगस्त को जयपुर महानगर में करीब 45 स्थानों पर ‘जागृत महिला गोष्ठियों’ का आयोजन किया गया था। इन गोष्ठियों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। महिलाओं को संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहने, सोशल मीडिया का सतर्कता के साथ उपयोग करने तथा किसी भी तरह की परेशानी या खतरे की स्थिति में पुलिस एवं प्रशासन की सहायता लेने के लिए जागरूक किया गया।
अभियान में महिला सुरक्षा को केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय संभावित खतरे और अपराध की परिस्थितियों को पहले ही पहचानकर रोकथाम पर जोर दिया गया। परिवार और समाज के स्तर पर जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
गोष्ठियों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन से संबंधित विभिन्न अपेक्षाओं वाला ज्ञापन पढ़कर सुनाया गया और महिलाओं के हस्ताक्षर लिए गए। इसके बाद इसी ज्ञापन को राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल के साथ हुई वार्ता में बालिकाओं को परिवार में प्रारंभ से ही संस्कार और सजगता देने के महत्व पर चर्चा हुई। परिवार और समाज के स्तर पर जागरूकता तथा संस्कारों को मजबूत करके कई घटनाओं को घटित होने से पहले ही रोकने में मदद मिलने की बात कही गई।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सुनीता अग्रवाल, डॉ. अरुणा शर्मा, मूमल जी राजवी, आशालता जी, अवनी जी, रजनी जी, रुक्मणी जी, चंद्रकांता जी, शालिनी जी, अनीता जी और सुशीला जी शामिल थीं।